कहाँ से आया
फार्महाउस के कुएँ के पास दो पुराने शहतूत के पेड़ — वैसे ही जैसे कभी झारखंड के हर गाँव में हुआ करते थे, जब तक लकड़ी के लिए काटे नहीं गए।
मौसमी फल
साल में सिर्फ़ तीन हफ़्ते
साल में तीन हफ़्ते, और दूर भेजा ही नहीं जा सकता। लिस्ट में दिखे तो ले लीजिए - दोबारा सोचते-सोचते मौसम निकल जाता है।
कहाँ से आया
फार्महाउस के कुएँ के पास दो पुराने शहतूत के पेड़ — वैसे ही जैसे कभी झारखंड के हर गाँव में हुआ करते थे, जब तक लकड़ी के लिए काटे नहीं गए।
क्या खाता है
फार्महाउस के कुएँ के पास दो पुराने पेड़। न कोई स्प्रे, न कोई खाद।
कैसे पाला जाता है
सुबह हाथ से तोड़े और उसी दिन रवाना - फल इतना नाज़ुक है कि और कोई तरीक़ा चलता ही नहीं।
क्यों लेना चाहिए
उन गिने-चुने फलों में से जिनमें सचमुच आयरन होता है, साथ में रेस्वेराट्रॉल और एंथोसायनिन — जो सिर्फ़ असली ताज़े फल में ही बचे रहते हैं।
पोषण
लगभग 43 kcal प्रति 100 ग्राम।
36 मिग्रा / 100 ग्राम
विटामिन सी
1.85 मिग्रा / 100 ग्राम
आयरन
43 kcal / 100 ग्राम
कैलोरी
मार्च-अप्रैल
सीज़न
एक नज़र में
सामान
बनाने का तरीक़ा