देवघर और जसीडीह में उसी दिन डिलीवरी। सुबह 11 बजे से पहले ऑर्डर करें।

मौसमी फल

ताज़ा शहतूत

साल में सिर्फ़ तीन हफ़्ते

साल में तीन हफ़्ते, और दूर भेजा ही नहीं जा सकता। लिस्ट में दिखे तो ले लीजिए - दोबारा सोचते-सोचते मौसम निकल जाता है।

कहाँ से आया

फार्महाउस के कुएँ के पास दो पुराने शहतूत के पेड़ — वैसे ही जैसे कभी झारखंड के हर गाँव में हुआ करते थे, जब तक लकड़ी के लिए काटे नहीं गए।

क्या खाता है

फार्महाउस के कुएँ के पास दो पुराने पेड़। न कोई स्प्रे, न कोई खाद।

कैसे पाला जाता है

सुबह हाथ से तोड़े और उसी दिन रवाना - फल इतना नाज़ुक है कि और कोई तरीक़ा चलता ही नहीं।

क्यों लेना चाहिए

उन गिने-चुने फलों में से जिनमें सचमुच आयरन होता है, साथ में रेस्वेराट्रॉल और एंथोसायनिन — जो सिर्फ़ असली ताज़े फल में ही बचे रहते हैं।

पोषण

लगभग 43 kcal प्रति 100 ग्राम।

36 मिग्रा / 100 ग्राम

विटामिन सी

1.85 मिग्रा / 100 ग्राम

आयरन

43 kcal / 100 ग्राम

कैलोरी

मार्च-अप्रैल

सीज़न

एक नज़र में

  • तोड़ने का मौसम मुश्किल से 3 हफ़्ते
  • आयरन देने वाला दुर्लभ फल
  • रेस्वेराट्रॉल और एंथोसायनिन भरपूर
  • तोड़ने के कुछ ही घंटों में डिलीवरी

रेसिपी

शहतूत का कॉम्पोट

25 मिनट एक जार बनता है

सामान

  • 500 ग्राम शहतूत
  • 100 ग्राम चीनी
  • आधे नींबू का रस
  • दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा

बनाने का तरीक़ा

  1. 1 बहुत हल्के हाथ से धोइए - शहतूत ज़रा सी सख़्ती में बिखर जाता है।
  2. 2 चीनी, नींबू और दालचीनी के साथ धीमी आँच पर 15 मिनट पकाइए, बहुत कम चलाइए।
  3. 3 झाग हटाइए, ठंडा कीजिए, बोतल में भरिए। फ़्रिज में क़रीब दो हफ़्ते चलता है।
  4. 4 सीज़न तीन हफ़्ते का है; इससे थोड़ा आगे खींचने का तरीक़ा यही है।

ये भी देखिए