कहाँ से आया
पूरब की मेड़ पर चालीस साल पुराने मालदा के पेड़, और 2016 में लगा आम्रपाली का नया ब्लॉक। देवघर की लेटराइट मिट्टी ही इसका असली कमाल है।
मौसमी फल
पेड़ पर पका हुआ
कार्बाइड से पकाया आम एक दिन में एक जैसा पीला हो जाता है और गुठली के पास खट्टा ही रहता है। पेड़ पर पका आम असमान पकता है, ख़ुशबू देता है, और अंदर तक मीठा होता है। हम दूसरी क़िस्म बेचते हैं - इसीलिए सीज़न छोटा है।
कहाँ से आया
पूरब की मेड़ पर चालीस साल पुराने मालदा के पेड़, और 2016 में लगा आम्रपाली का नया ब्लॉक। देवघर की लेटराइट मिट्टी ही इसका असली कमाल है।
क्या खाता है
मिट्टी, बारिश और चालीस साल की जड़ - इसके सिवा कुछ नहीं। किसी भी मरहले पर कोई केमिकल पकाने वाला नहीं।
कैसे पाला जाता है
मालदा और आम्रपाली के ब्लॉक। ऑर्डर पर तोड़े और पुआल में पैक; न गैस, न कार्बाइड।
क्यों लेना चाहिए
पेड़ पर पके आम में गैस से पकाए आम के मुक़ाबले मिठास और बीटा-कैरोटीन कहीं ज़्यादा होता है, और गुठली के पास स्वाद खट्टा नहीं पड़ता।
पोषण
लगभग 60 kcal प्रति 100 ग्राम।
36 मिग्रा / 100 ग्राम
विटामिन सी
54 mcg RAE / 100 ग्राम
विटामिन ए
1.6 ग्राम / 100 ग्राम
फ़ाइबर
मई-जुलाई
सीज़न
एक नज़र में
सामान
बनाने का तरीक़ा