कहाँ से आया
दक्षिण एशिया की पुरानी नस्ल, सदियों से धान के खेतों के साथ पाली जाती है। हमारी बत्तख़ें दिन में मेड़ों पर चरती हैं, रात में बाड़े में।
बत्तख़
सीधी खड़ी अंडा-रानी
रनर चलती नहीं, दौड़ती है - सीधी खड़ी, जैसे जल्दी में गेंदबाज़ी की पिनें। यही लगातार भागदौड़ वजह है कि इसका गोश्त फार्म की बाक़ी बत्तख़ों से ज़्यादा गहरा और लीन होता है।
कहाँ से आया
दक्षिण एशिया की पुरानी नस्ल, सदियों से धान के खेतों के साथ पाली जाती है। हमारी बत्तख़ें दिन में मेड़ों पर चरती हैं, रात में बाड़े में।
क्या खाता है
धान की मेड़ों से घोंघे, कीड़े और खरपतवार के बीज - और रात को थोड़ा दाना।
कैसे पाला जाता है
दिन में खेतों की तरफ़ हाँक दी जाती हैं, रात को बाड़े में। ये झुंड फार्म का काम करने वाला हिस्सा है, सिर्फ़ माल नहीं।
क्यों लेना चाहिए
गाढ़ा, गहरा गोश्त — पेकिन के मुक़ाबले फैट कहीं कम। साथ ही फ़सल में घोंघे और कीड़ों का नुक़सान भी घटाती है।
पोषण
लगभग 135 kcal प्रति 100 ग्राम - हमारी सबसे लीन बत्तख़।
19 ग्राम / 100 ग्राम
प्रोटीन
4.2 ग्राम / 100 ग्राम
फैट
250 तक
सालाना अंडे
2.7 मिग्रा / 100 ग्राम
आयरन
एक नज़र में