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चितकबरा तीतर

चितकबरा तीतर

खेत का पहरेदार

ये दो तरफ़ से अपनी क़ीमत वसूल करता है - पूरे मौसम बग़ीचे से किलनी साफ़ करता है, और फिर खाने में असली शिकार जैसा लगता है: गहरा, आयरन से भरा, मुर्गे से ज़्यादा तीतर के क़रीब।

कहाँ से आया

मूल रूप से पश्चिम अफ़्रीका का, पर झारखंड के गाँवों में पीढ़ियों से पाला जाता है। हमारे यहाँ खुला घूमता है और शाम को महुए के पेड़ पर बसेरा करता है।

क्या खाता है

लगभग पूरी तरह ख़ुद का इंतज़ाम: बग़ीचे की ज़मीन से किलनी, टिड्डे, भृंग और खरपतवार के बीज।

कैसे पाला जाता है

पूरी तरह खुला घूमने वाला, शाम को महुए के पेड़ों पर बसेरा। यही झुंड बग़ीचे का कीट-नियंत्रण है, इसलिए कोई स्प्रे नहीं होता।

क्यों लेना चाहिए

एक झुंड पूरे बग़ीचे से किलनी, टिड्डे और भृंग बिना किसी स्प्रे के साफ़ कर देता है। गोश्त गहरा, आयरन से भरा और जंगली स्वाद वाला।

पोषण

लगभग 110 kcal प्रति 100 ग्राम।

23 ग्राम / 100 ग्राम

प्रोटीन

2.5 ग्राम / 100 ग्राम

फैट

110 kcal / 100 ग्राम

कैलोरी

मुर्गे से ज़्यादा

आयरन

एक नज़र में

  • क़ुदरती कीड़ा-नियंत्रण, कीटनाशक की ज़रूरत ही नहीं
  • गहरा जंगली स्वाद, मुर्गे से कहीं गाढ़ा
  • कोई अजनबी दड़बे के पास आए तो शोर मचा देता है
  • मुर्गे से लीन, आयरन ज़्यादा

रेसिपी

धीमी आँच पर भुना चितकबरा तीतर

2 घंटे 4 लोगों के लिए

सामान

  • 1 पूरा चितकबरा तीतर
  • 4 बड़े चम्मच नरम मक्खन
  • 1 पूरा लहसुन, दो हिस्सों में कटा
  • 2 टहनी रोज़मेरी या मुट्ठी भर करी पत्ता
  • 1 नींबू
  • नमक और दरदरी काली मिर्च

बनाने का तरीक़ा

  1. 1 तीतर लीन होता है और जल्दी सूखता है, इसलिए सीने की खाल के नीचे मक्खन भरिए - असली तरकीब यही है।
  2. 2 अंदर लहसुन, नींबू और जड़ी-बूटियाँ भर दीजिए। नमक खुलकर लगाइए।
  3. 3 160 C पर ढककर 90 मिनट भूनिए।
  4. 4 ढक्कन हटाकर 200 C पर 15 मिनट रखिए ताकि खाल रंग पकड़ ले।
  5. 5 काटने से पहले पूरे दस मिनट आराम दीजिए, वरना सारा रस तख़्ते पर बह जाएगा।

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