कहाँ से आया
मूल रूप से पश्चिम अफ़्रीका का, पर झारखंड के गाँवों में पीढ़ियों से पाला जाता है। हमारे यहाँ खुला घूमता है और शाम को महुए के पेड़ पर बसेरा करता है।
चितकबरा तीतर
वज़न के हिसाब से
किलो के हिसाब से, और तौल आपके दरवाज़े पर। जितना वज़न चाहिए बता दीजिए, परिंदे हम उसी हिसाब से चुन लेंगे।
कहाँ से आया
मूल रूप से पश्चिम अफ़्रीका का, पर झारखंड के गाँवों में पीढ़ियों से पाला जाता है। हमारे यहाँ खुला घूमता है और शाम को महुए के पेड़ पर बसेरा करता है।
क्या खाता है
लगभग पूरी तरह ख़ुद का इंतज़ाम: बग़ीचे की ज़मीन से किलनी, टिड्डे, भृंग और खरपतवार के बीज।
कैसे पाला जाता है
पूरी तरह खुला घूमने वाला, शाम को महुए के पेड़ों पर बसेरा। यही झुंड बग़ीचे का कीट-नियंत्रण है, इसलिए कोई स्प्रे नहीं होता।
क्यों लेना चाहिए
एक झुंड पूरे बग़ीचे से किलनी, टिड्डे और भृंग बिना किसी स्प्रे के साफ़ कर देता है। गोश्त गहरा, आयरन से भरा और जंगली स्वाद वाला।
पोषण
लगभग 110 kcal प्रति 100 ग्राम।
23 ग्राम / 100 ग्राम
प्रोटीन
2.5 ग्राम / 100 ग्राम
फैट
110 kcal / 100 ग्राम
कैलोरी
मुर्गे से ज़्यादा
आयरन
एक नज़र में