देवघर और जसीडीह में उसी दिन डिलीवरी। सुबह 11 बजे से पहले ऑर्डर करें।

फार्म के अंडे

देसी मुर्गी के अंडे

सुबह-सुबह इकट्ठा

एक इसका और एक दुकान वाला अंडा साथ में फोड़कर देख लीजिए, किसी लैब रिपोर्ट की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। ज़र्दी फैलती नहीं, खड़ी रहती है - और छिलका तोड़ने में सचमुच ज़ोर लगता है।

कहाँ से आया

हमारी खुली घूमने वाली देसी मुर्गियों के, जो बग़ीचे में कीड़े, साग और दाना चुगती हैं। किसी केमिकल से धुलाई नहीं होती।

क्या खाता है

मुर्गियाँ जो मिले वही खाती हैं - कीड़े, साग, गिरा हुआ दाना - ज़र्दी का वो रंग इसी से आता है।

कैसे पाला जाता है

खुली घूमने वाली मुर्गियाँ, कोई पिंजरा नहीं। अंडे पहली रोशनी में इकट्ठा होते हैं और किसी केमिकल से धुलते नहीं।

क्यों लेना चाहिए

चरकर खाने वाली मुर्गियों की ज़र्दी में पिंजरे वाले अंडों से कहीं ज़्यादा ओमेगा-3 और विटामिन डी होता है, और छिलका इतना मज़बूत कि सफ़र आराम से झेल ले।

पोषण

लगभग 70 kcal प्रति अंडा।

6.3 ग्राम प्रति अंडा

प्रोटीन

4.8 ग्राम प्रति अंडा

फैट

क़ुदरती तौर पर ज़्यादा

विटामिन डी

पिंजरे वाले से 2-3 गुना

ओमेगा-3

एक नज़र में

  • उसी सुबह इकट्ठा, स्टोर नहीं किए जाते
  • खुली घूमने वाली मुर्गियाँ, कोई पिंजरा नहीं
  • गहरी नारंगी ज़र्दी, तवे पर खड़ी रहती है
  • बाज़ारू अंडों से ज़्यादा ओमेगा-3

रेसिपी

ढाबा अंडा करी

35 मिनट 3 लोगों के लिए

सामान

  • 6 देसी अंडे, उबले और छिले
  • 2 प्याज़, पेस्ट
  • 3 टमाटर, पेस्ट
  • 1 छोटा चम्मच जीरा
  • 1 छोटा चम्मच हल्दी
  • डेढ़ छोटा चम्मच लाल मिर्च
  • 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
  • 2 बड़े चम्मच तेल
  • नमक

बनाने का तरीक़ा

  1. 1 उबले अंडों में काँटे से छेद कीजिए और चुटकी भर हल्दी के साथ सुनहरा होने तक हल्का तल लीजिए। अलग रख दीजिए।
  2. 2 जीरा तड़काइए, प्याज़ का पेस्ट डालकर कच्ची महक जाने तक पकाइए।
  3. 3 टमाटर का पेस्ट और सूखे मसाले डालिए; तेल पूरी तरह छूटने तक पकाइए।
  4. 4 एक कप गरम पानी डालकर उबाल लाइए, फिर अंडे वापस डाल दीजिए।
  5. 5 पाँच मिनट धीमी आँच पर रखिए ताकि ग्रेवी छेदों में उतर जाए।

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