कहाँ से आया
हमारी खुली घूमने वाली देसी मुर्गियों के, जो बग़ीचे में कीड़े, साग और दाना चुगती हैं। किसी केमिकल से धुलाई नहीं होती।
फार्म के अंडे
सुबह-सुबह इकट्ठा
एक इसका और एक दुकान वाला अंडा साथ में फोड़कर देख लीजिए, किसी लैब रिपोर्ट की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। ज़र्दी फैलती नहीं, खड़ी रहती है - और छिलका तोड़ने में सचमुच ज़ोर लगता है।
कहाँ से आया
हमारी खुली घूमने वाली देसी मुर्गियों के, जो बग़ीचे में कीड़े, साग और दाना चुगती हैं। किसी केमिकल से धुलाई नहीं होती।
क्या खाता है
मुर्गियाँ जो मिले वही खाती हैं - कीड़े, साग, गिरा हुआ दाना - ज़र्दी का वो रंग इसी से आता है।
कैसे पाला जाता है
खुली घूमने वाली मुर्गियाँ, कोई पिंजरा नहीं। अंडे पहली रोशनी में इकट्ठा होते हैं और किसी केमिकल से धुलते नहीं।
क्यों लेना चाहिए
चरकर खाने वाली मुर्गियों की ज़र्दी में पिंजरे वाले अंडों से कहीं ज़्यादा ओमेगा-3 और विटामिन डी होता है, और छिलका इतना मज़बूत कि सफ़र आराम से झेल ले।
पोषण
लगभग 70 kcal प्रति अंडा।
6.3 ग्राम प्रति अंडा
प्रोटीन
4.8 ग्राम प्रति अंडा
फैट
क़ुदरती तौर पर ज़्यादा
विटामिन डी
पिंजरे वाले से 2-3 गुना
ओमेगा-3
एक नज़र में
सामान
बनाने का तरीक़ा